धान खरीदी में अव्यवस्था पर फूटा किसानों का गुस्सा, कांग्रेस सड़क पर—लैलूंगा तहसील घेराव में उमड़ा जनसैलाब

लैलूंगा। धान खरीदी की सीमित समय-सीमा, टोकन न कटने और प्रशासनिक अव्यवस्था से त्रस्त किसानों के समर्थन में कांग्रेस पार्टी खुलकर मैदान में उतर आई है। इसी कड़ी में आज लैलूंगा के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय एवं तहसील प्रांगण में भव्य धरना-प्रदर्शन किया गया, जिसमें हजारों किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। पूरे क्षेत्र में इस आंदोलन की गूंज सुनाई दी और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई।
किसानों का कहना है कि धान खरीदी का समय तेजी से समाप्त हो रहा है, लेकिन अब तक ऑनलाइन–ऑफलाइन टोकन नहीं कटने से वे भारी संकट में हैं। कई किसानों की फसल मंडी तक पहुंचने को तैयार है, पर टोकन के अभाव में खरीदी नहीं हो पा रही, जिससे आर्थिक नुकसान बढ़ता जा रहा है। वहीं दूसरी ओर मौसम और भंडारण की समस्या भी किसानों की चिंता बढ़ा रही है।
धरना स्थल पर मौजूद कांग्रेस नेताओं ठण्डा राम बेहरा ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की नीतियों और अधिकारियों की लापरवाही का सीधा खामियाजा अन्नदाता भुगत रहा है। कांग्रेस ने मांग की कि
सभी किसानों के तत्काल टोकन काटे जाएं,
धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाई जाए,
और किसी भी किसान को धान बेचने से वंचित न किया जाए।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने साफ कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का तुरंत समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज व व्यापक किया जाएगा। किसान संगठनों ने भी एकजुटता दिखाते हुए चेतावनी दी कि यह लड़ाई अधिकारों की है और इसे अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता लिखित व ठोस निर्णय की मांग पर कर रहे है।
कुल मिलाकर, लैलूंगा में आज का यह आंदोलन धान खरीदी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता नजर आया, जिसने शासन-प्रशासन को किसानों की पीड़ा पर गंभीरता से सोचने को मजबूर कर दिया है।
