
🚩 लैलूंगा–मोहनपुर में भक्ति का महाकुंभ: आज दोपहर 3 बजे से गूंजेगा महारास, श्रीकृष्ण–रुक्मणी विवाहोत्सव कथा में उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब 🚩
दिनांक: 17 अप्रैल 2026 | दिन: शुक्रवार
लैलूंगा क्षेत्र के ग्राम मोहनपुर आज पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आ रहा है। गांव में चारों ओर भक्ति की ध्वनि, सजावट की भव्यता और श्रद्धालुओं की उमड़ती भीड़ इस बात का संकेत दे रही है कि यहां एक विशाल धार्मिक आयोजन का आगाज़ होने जा रहा है। आज दोपहर 3 बजे से ग्राम मोहनपुर में महारास एवं श्रीकृष्ण–रुक्मणी विवाहोत्सव कथा का भव्य शुभारंभ किया जाएगा, जिसे लेकर पूरे क्षेत्र में भारी उत्साह और आस्था का माहौल बना हुआ है।
इस पावन आयोजन में प्रसिद्ध कथावाचक श्रद्धेय रोमेश कृष्ण दास जी महाराज अपने ओजस्वी और भावपूर्ण प्रवचनों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का विस्तारपूर्वक वर्णन करेंगे। महारास की अलौकिक झांकी और श्रीकृष्ण–रुक्मणी विवाह प्रसंग का जीवंत वर्णन श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर देगा। बताया जा रहा है कि कथा के दौरान भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रस्तुतियां भी आयोजित होंगी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा।
कार्यक्रम स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की साज-सज्जा और धार्मिक झांकियां लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं। आयोजन समिति द्वारा दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल, प्रसाद वितरण और सुरक्षा व्यवस्था का भी विशेष प्रबंध किया गया है, ताकि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ आसपास के गांवों और कस्बों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। कई श्रद्धालु सुबह से ही आयोजन स्थल पर पहुंचकर सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक एकता और सामूहिक सहयोग की मिसाल देखने को मिल रही है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महारास एवं श्रीकृष्ण–रुक्मणी विवाहोत्सव कथा का श्रवण करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं, मन को शांति मिलती है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। इसी आस्था के साथ श्रद्धालु बड़ी संख्या में इस आयोजन में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने के लिए उत्साहित हैं।
📣 आयोजन समिति ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा का श्रवण करें, धर्म लाभ अर्जित करें और इस भव्य आयोजन को सफल बनाएं।
