लैलूंगा में 15वें वित्त आयोग की राशि के फर्जी आहरण व बंदरबाट का आरोप, जांच की मांग तेजलैलूंगा,जनपद पंचायत लैलूंगा की ग्राम पंचायतों में 15वें वित्त आयोग की राशि के कथित फर्जी आहरण एवं बंदरबाट को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल गर्म है। आरोप है कि विकास कार्यों के नाम पर स्वीकृत राशि का नियमों के विपरीत उपयोग किया गया तथा कई मामलों में बिना कार्य पूर्ण हुए भुगतान किए जाने की शिकायत सामने आई है।स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि वित्त आयोग की राशि में अनियमितता हुई है तो इससे ग्रामीण विकास कार्य प्रभावित हुए हैं तथा शासन की योजनाओं का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है।सूत्रों के अनुसार संबंधित दस्तावेजों एवं भुगतान विवरणों की जांच किए जाने पर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। वहीं शिकायतकर्ताओं ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।इधर प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिए जाने की चर्चा है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।क्षेत्रवासियों का कहना है कि सार्वजनिक धन के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा दोषियों को जवाबदेह बनाने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि शासन की विकास योजनाओं पर जनता का विश्वास बना रहे।