धान खरीदी में अव्यवस्था पर कांग्रेस का अल्टीमेटम, 19 जनवरी को SDM कार्यालय घेराव की चेतावनी

लैलूंगा , लैलूंगा विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्रों में व्याप्त गंभीर अव्यवस्थाओं को लेकर अब किसानों का सब्र जवाब देने लगा है। लगातार समस्याओं के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस समाधान नहीं निकलने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में कांग्रेस पार्टी ने किसानों के समर्थन में मोर्चा खोलते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लैलूंगा को ज्ञापन सौंपकर तीन दिवस का अल्टीमेटम दिया है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि लैलूंगा ब्लॉक के लगभग सभी धान खरीदी केन्द्रों में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन टोकन की गड़बड़ी, रकबा समर्पण में तकनीकी बाधाएं, प्रति दिवस धान खरीदी की सीमित सीमा जैसी गंभीर समस्याएं किसानों को परेशान कर रही हैं। किसान सुबह से शाम तक केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन उनकी उपज की खरीदी समय पर नहीं हो पा रही है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इन समस्याओं को लेकर पूर्व में भी प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया था, लेकिन आज तक कोई ठोस सुधार नहीं किया गया। जबकि धान खरीदी के दिन सीमित बचे हैं और यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो किसान भारी नुकसान की स्थिति में आ जाएंगे।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष वीरेंद्र साह के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यह ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तीन दिवस के भीतर धान खरीदी व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ मिलकर दिनांक 19 जनवरी 2026, सोमवार को अनुविभागीय अधिकारी (रा.) लैलूंगा कार्यालय का घेराव एवं धरना प्रदर्शन करेगी।
ज्ञापन में यह भी साफ किया गया है कि प्रस्तावित आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की स्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसानों के हक और अधिकार की लड़ाई है, जिसे किसी भी कीमत पर दबने नहीं दिया जाएगा।
इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के हितैषी होने का दावा तो करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। यदि प्रशासन समय रहते जागरूक नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन कांग्रेस के अल्टीमेटम को कितनी गंभीरता से लेता है, या फिर 19 जनवरी को लैलूंगा एक बड़े किसान आंदोलन का गवाह बनेगा।
