July 14, 2026

Vikash Jaiswal

♈ मेष राशि आज आत्मविश्वास बढ़ेगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा।...
लैलूंगा में 15वें वित्त आयोग की राशि के फर्जी आहरण व बंदरबाट का आरोप, जांच की मांग तेजलैलूंगा,जनपद पंचायत लैलूंगा की ग्राम पंचायतों में 15वें वित्त आयोग की राशि के कथित फर्जी आहरण एवं बंदरबाट को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल गर्म है। आरोप है कि विकास कार्यों के नाम पर स्वीकृत राशि का नियमों के विपरीत उपयोग किया गया तथा कई मामलों में बिना कार्य पूर्ण हुए भुगतान किए जाने की शिकायत सामने आई है।स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि वित्त आयोग की राशि में अनियमितता हुई है तो इससे ग्रामीण विकास कार्य प्रभावित हुए हैं तथा शासन की योजनाओं का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है।सूत्रों के अनुसार संबंधित दस्तावेजों एवं भुगतान विवरणों की जांच किए जाने पर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। वहीं शिकायतकर्ताओं ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।इधर प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिए जाने की चर्चा है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।क्षेत्रवासियों का कहना है कि सार्वजनिक धन के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा दोषियों को जवाबदेह बनाने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि शासन की विकास योजनाओं पर जनता का विश्वास बना रहे। 75062645147245256786895

लैलूंगा में 15वें वित्त आयोग की राशि के फर्जी आहरण व बंदरबाट का आरोप, जांच की मांग तेजलैलूंगा,जनपद पंचायत लैलूंगा की ग्राम पंचायतों में 15वें वित्त आयोग की राशि के कथित फर्जी आहरण एवं बंदरबाट को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल गर्म है। आरोप है कि विकास कार्यों के नाम पर स्वीकृत राशि का नियमों के विपरीत उपयोग किया गया तथा कई मामलों में बिना कार्य पूर्ण हुए भुगतान किए जाने की शिकायत सामने आई है।स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि वित्त आयोग की राशि में अनियमितता हुई है तो इससे ग्रामीण विकास कार्य प्रभावित हुए हैं तथा शासन की योजनाओं का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है।सूत्रों के अनुसार संबंधित दस्तावेजों एवं भुगतान विवरणों की जांच किए जाने पर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। वहीं शिकायतकर्ताओं ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।इधर प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिए जाने की चर्चा है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।क्षेत्रवासियों का कहना है कि सार्वजनिक धन के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा दोषियों को जवाबदेह बनाने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि शासन की विकास योजनाओं पर जनता का विश्वास बना रहे।

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शिक्षा गुणवत्ता और परीक्षा परिणाम सुधारने पर विशेष जोर शत-प्रतिशत परिणाम देने वाले प्राचार्यों का होगा सम्मान...
💥 प्रेस विज्ञप्ति 💥💥 जशपुर पुलिस 💥💥 दिनांक -30.05.26💥➡️ जशपुर जिले के पुलिस कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेद सिंह की बड़ी कार्यवाही, कर्तव्य के प्रति घोर अनुशासन हीनता, उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता बरतने वाले जिले के पांच पुलिस आरक्षकों पर गिरी गाज➡️ बिना सूचना के लंबे समय तक गैर हाज़िर रहने के आदी ,पांच आरक्षकों में से तीन को विभागिय जांच के उपरांत किया सेवा से पृथक,➡️शेष दो आरक्षकों को सेवा पुस्तिका के अवलोकन के पश्चात अलग अलग क्रमशः एक वेतन वृद्धि के के बराबर धनराशि की कमी संचयी प्रभाव से व एक आरक्षक को ” एक वर्ष के लिए आरक्षक के न्यूनतम वेतनमान मे, जिसका प्रभाव भविष्य के वेतन वृद्धि एवं पेंशन पर भी पड़ेगा के दण्ड से किया दंडित➡️ नाम आरक्षक क्रमशः -1. आरक्षक क्रमांक 737 संतोष कुमार राम – सेवा से पृथक2. आरक्षक क्रमांक 525 नेल्सन तिग्गा सेवा से पृथक3. आरक्षक क्रमांक 394- अशोक कुमार एक्का सेवा से पृथक4. आरक्षक क्रमांक47-इरीमियस कुजूर -एक वेतन वृद्धि के के बराबर धनराशि की कमी संचयी प्रभाव से5. आरक्षक क्रमांक 144- बिन्देश्वर राम -आरक्षक के न्यूनतम वेतनमान मे, जिसका प्रभाव भविष्य के वेतन वृद्धि एवं पेंशन पर भी पड़ेगा—00—➡️ आज दिनांक 29.05.26 को जशपुर जिले के पुलिस कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेद सिंह के द्वारा पुलिस रेगुलेशन के नियम 221(अ) में प्रदत्त शक्तियों के तहत, अपने कर्तव्य के प्रति घोर अनुशासन हीनता, उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता बरतने वाले जिले के पांच आरक्षकों के विरुद्ध विभागीय जांच के उपरांत अंतिम आदेश पारित किया गया। जिसमें से तीन आरक्षक क्रमशःआरक्षक 737 संतोष कुमार राम, आरक्षक 525 नेल्सन तिग्गा को बार बार लंबे समय से गैर हाज़िर रहने के आदि पाए जाने पर “सेवा से पृथक” तथा आर.47 इरीमियस कुजूर को एक वेतन वृद्धि के के बराबर धनराशि की कमी संचयी प्रभाव से एवं आर.144 बिंदेश्वर राम को आरक्षक के न्यूनतम वेतनमान मे, जिसका प्रभाव भविष्य के वेतन वृद्धि एवं पेंशन पर भी पड़ेगा के दण्ड से दंडित किया गया है।➡️ मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि लंबी अवधि तक अनाधिकृत रूप से गैर हाज़िर रहकर कर्तव्य के प्रति स्वेच्छाचारिता, घोर लापरवाही एवं अनुशासन हीनता का प्रदर्शन करते हुए, बार बार सेवा का अवसर प्रदाय करने के बावजूद, छ ग पुलिस रेगुलेशन 64(2) व छ ग सिविल सेवा (आचरण)1965 के नियम 3 के उप नियम 1(एक),(दो)(तीन) का उल्लंघन करने पर जशपुर जिले के पांच पुलिस आरक्षकों क्रमशः संतोष कुमार राम, नेल्सन तिग्गा, अशोक कुमार एक्का, इरीमियस कुजूर व बिंदेश्वर राम के विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित की गई थी।

💥 प्रेस विज्ञप्ति 💥💥 जशपुर पुलिस 💥💥 दिनांक -30.05.26💥➡️ जशपुर जिले के पुलिस कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेद सिंह की बड़ी कार्यवाही, कर्तव्य के प्रति घोर अनुशासन हीनता, उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता बरतने वाले जिले के पांच पुलिस आरक्षकों पर गिरी गाज➡️ बिना सूचना के लंबे समय तक गैर हाज़िर रहने के आदी ,पांच आरक्षकों में से तीन को विभागिय जांच के उपरांत किया सेवा से पृथक,➡️शेष दो आरक्षकों को सेवा पुस्तिका के अवलोकन के पश्चात अलग अलग क्रमशः एक वेतन वृद्धि के के बराबर धनराशि की कमी संचयी प्रभाव से व एक आरक्षक को ” एक वर्ष के लिए आरक्षक के न्यूनतम वेतनमान मे, जिसका प्रभाव भविष्य के वेतन वृद्धि एवं पेंशन पर भी पड़ेगा के दण्ड से किया दंडित➡️ नाम आरक्षक क्रमशः -1. आरक्षक क्रमांक 737 संतोष कुमार राम – सेवा से पृथक2. आरक्षक क्रमांक 525 नेल्सन तिग्गा सेवा से पृथक3. आरक्षक क्रमांक 394- अशोक कुमार एक्का सेवा से पृथक4. आरक्षक क्रमांक47-इरीमियस कुजूर -एक वेतन वृद्धि के के बराबर धनराशि की कमी संचयी प्रभाव से5. आरक्षक क्रमांक 144- बिन्देश्वर राम -आरक्षक के न्यूनतम वेतनमान मे, जिसका प्रभाव भविष्य के वेतन वृद्धि एवं पेंशन पर भी पड़ेगा—00—➡️ आज दिनांक 29.05.26 को जशपुर जिले के पुलिस कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेद सिंह के द्वारा पुलिस रेगुलेशन के नियम 221(अ) में प्रदत्त शक्तियों के तहत, अपने कर्तव्य के प्रति घोर अनुशासन हीनता, उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता बरतने वाले जिले के पांच आरक्षकों के विरुद्ध विभागीय जांच के उपरांत अंतिम आदेश पारित किया गया। जिसमें से तीन आरक्षक क्रमशःआरक्षक 737 संतोष कुमार राम, आरक्षक 525 नेल्सन तिग्गा को बार बार लंबे समय से गैर हाज़िर रहने के आदि पाए जाने पर “सेवा से पृथक” तथा आर.47 इरीमियस कुजूर को एक वेतन वृद्धि के के बराबर धनराशि की कमी संचयी प्रभाव से एवं आर.144 बिंदेश्वर राम को आरक्षक के न्यूनतम वेतनमान मे, जिसका प्रभाव भविष्य के वेतन वृद्धि एवं पेंशन पर भी पड़ेगा के दण्ड से दंडित किया गया है।➡️ मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि लंबी अवधि तक अनाधिकृत रूप से गैर हाज़िर रहकर कर्तव्य के प्रति स्वेच्छाचारिता, घोर लापरवाही एवं अनुशासन हीनता का प्रदर्शन करते हुए, बार बार सेवा का अवसर प्रदाय करने के बावजूद, छ ग पुलिस रेगुलेशन 64(2) व छ ग सिविल सेवा (आचरण)1965 के नियम 3 के उप नियम 1(एक),(दो)(तीन) का उल्लंघन करने पर जशपुर जिले के पांच पुलिस आरक्षकों क्रमशः संतोष कुमार राम, नेल्सन तिग्गा, अशोक कुमार एक्का, इरीमियस कुजूर व बिंदेश्वर राम के विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित की गई थी।

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