September 11, 2026

छत्तीसगढ़

💥 प्रेस विज्ञप्ति 💥💥 जशपुर पुलिस 💥दिनांक : 26.08.2026➡️कुनकुरी में मोबाइल दुकान का शटर काटकर करीब 150 मोबाइल फोन चोरी करने वाला आरोपी झारखण्ड से गिरफ्तार➡️ सीसीटीवी फुटेज एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी तक पहुंचकर झारखण्ड से किया गिरफ्तार➡️ आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर वारदात को दिया था अंजाम, दूसरा आरोपी अभी फरार➡️ घटना में प्रयुक्त पिट्ठू बैग एवं आरोपी का मोबाइल हैंडसेट पुलिस ने किया जप्त➡️ चोरी किए गए मोबाइल फोन फरार आरोपी के पास होने की जानकारी, बरामदगी के लिए पुलिस टीम का प्रयास जारी➡️ गिरफ्तार आरोपी तौसीफ रजा, उम्र 35 वर्ष, निवासी मुर्गीटोली, मध्य नारायणपुर, थाना राजमहल, जिला साहेबगंज, झारखण्ड—00—➡️घटना का संक्षिप्त विवरणथाना कुनकुरी क्षेत्र में मोबाइल दुकान का शटर काटकर करीब 150 नग मोबाइल फोन चोरी करने के मामले में जशपुर पुलिस ने त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को झारखण्ड से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।मामले में प्रार्थी पंकज कुमार पारिक, संचालक कठौतिया मोबाइल शॉप, कुनकुरी द्वारा दिनांक 12.08.2026 को थाना कुनकुरी में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। प्रार्थी ने पुलिस को बताया कि दिनांक 11.08.2026 की रात्रि करीब 09:00 बजे वह अपनी मोबाइल दुकान बंद कर घर चला गया था।अगले दिन सुबह सूर्योदय बैंक के एक कर्मचारी ने फोन कर दुकान का शटर खुला होने की जानकारी दी। सूचना मिलने पर प्रार्थी तत्काल दुकान पहुंचा। दुकान के शटर में लगे दोनों ताले कटे हुए थे तथा अंदर मोबाइल के डिब्बे अस्त-व्यस्त पड़े थे। बिक्री के लिए रखे गए विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन दुकान से गायब थे। जांच करने पर करीब 150 नग मोबाइल हैंडसेट चोरी होना पाया गया।प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना कुनकुरी में अपराध क्रमांक 148/2026, धारा 331(4), 305(ए), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।➡️सीसीटीवी एवं तकनीकी साक्ष्यों से मिली अहम सुरागमामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया। प्रार्थी एवं गवाहों के कथन दर्ज किए गए तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए।विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि चोरी की घटना को दो व्यक्तियों द्वारा मिलकर अंजाम दिया गया था। घटना स्थल के समीप स्थित एक होटल में दो संदिग्ध व्यक्तियों द्वारा खाना खाने तथा होटल संचालक को मोबाइल नंबर दिए जाने की जानकारी भी पुलिस के सामने आई।पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज, होटल से प्राप्त जानकारी एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों का आपस में मिलान कर संदिग्धों की पहचान एवं पतासाजी शुरू की गई। तकनीकी जांच के आधार पर एक आरोपी की पहचान तौसीफ रजा पिता मौलाना ताजउद्दीन, उम्र 35 वर्ष, निवासी मुर्गीटोली, मध्य नारायणपुर, थाना राजमहल, जिला साहेबगंज, झारखण्ड के रूप में हुई।➡️विशेष टीम ने झारखण्ड पहुंचकर आरोपी को लिया हिरासत मेंआरोपी की धर पकड़ हेतु डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में विशेष पुलिस टीम झारखण्ड रवाना की गई।पुलिस टीम द्वारा झारखण्ड पहुंचकर आरोपी की लगातार पतासाजी की गई और उसे हिरासत में लेकर थाना कुनकुरी लाया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर मोबाइल दुकान में चोरी करना स्वीकार किया।*➡️ पुलिस की पूछताछ में आरोपी तौसीफ रजा के द्वारा अपराध स्वीकार करते हुए ने बताया गया कि वह अपने एक साथी के साथ काफी समय से मोबाइल दुकानों में चोरी करने की योजना बना रहा था। दोनों आरोपी झारखण्ड से निकलकर ओडिशा, आंध्रप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों पर मोबाइल दुकानों की रेकी कर रहे थे।इसी दौरान दोनों ने कुनकुरी स्थित कठौतिया मोबाइल शॉप को चोरी के लिए चिन्हित किया।घटना की रात दोनों आरोपी दुकान के पीछे की ओर से पहुंचे। अपने साथ लाए औजार से दुकान के शटर में लगे दोनों ताले काटकर दुकान के अंदर प्रवेश किया और बिक्री के लिए रखे मोबाइल फोन को पिट्ठू बैग में भरकर वहां से निकल गए।कुछ दूरी पर जाकर दोनों आरोपियों ने मोबाइल फोन के कवर एवं डिब्बों को अलग कर झाड़ियों में फेंक दिया और केवल मोबाइल हैंडसेट अपने साथ रखे। इसके बाद दोनों बस के माध्यम से वहां से फरार हो गए।आरोपी ने पुलिस को बताया कि चोरी किए गए मोबाइल फोन उसके दूसरे साथी के पास हैं। पुलिस ने दूसरे आरोपी को भी चिन्हित कर लिया है, जो वर्तमान में फरार है। पुलिस टीम द्वारा उसकी गिरफ्तारी एवं चोरी किए गए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए लगातार पतासाजी की जा रही है।पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी तौसीफ रजा के कब्जे से घटना में प्रयुक्त पिट्ठू बैग एवं आरोपी का मोबाइल हैंडसेट जप्त किया है।विवेचना के दौरान आरोपी की संलिप्तता पाए जाने पर प्रकरण में धारा 3(5) बीएनएस जोड़ी गई है। पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।*➡️दूसरे आरोपी एवं चोरी के मोबाइल की तलाश जारी*मामले में पुलिस द्वारा दूसरे फरार आरोपी की गिरफ्तारी तथा चोरी किए गए करीब 150 मोबाइल हैंडसेट की बरामदगी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर पतासाजी की जा रही है। प्रकरण की विवेचना एवं आगे की कार्रवाई जारी है। 1870672847718133490624527

💥 प्रेस विज्ञप्ति 💥💥 जशपुर पुलिस 💥दिनांक : 26.08.2026➡️कुनकुरी में मोबाइल दुकान का शटर काटकर करीब 150 मोबाइल फोन चोरी करने वाला आरोपी झारखण्ड से गिरफ्तार➡️ सीसीटीवी फुटेज एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी तक पहुंचकर झारखण्ड से किया गिरफ्तार➡️ आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर वारदात को दिया था अंजाम, दूसरा आरोपी अभी फरार➡️ घटना में प्रयुक्त पिट्ठू बैग एवं आरोपी का मोबाइल हैंडसेट पुलिस ने किया जप्त➡️ चोरी किए गए मोबाइल फोन फरार आरोपी के पास होने की जानकारी, बरामदगी के लिए पुलिस टीम का प्रयास जारी➡️ गिरफ्तार आरोपी तौसीफ रजा, उम्र 35 वर्ष, निवासी मुर्गीटोली, मध्य नारायणपुर, थाना राजमहल, जिला साहेबगंज, झारखण्ड—00—➡️घटना का संक्षिप्त विवरणथाना कुनकुरी क्षेत्र में मोबाइल दुकान का शटर काटकर करीब 150 नग मोबाइल फोन चोरी करने के मामले में जशपुर पुलिस ने त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को झारखण्ड से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।मामले में प्रार्थी पंकज कुमार पारिक, संचालक कठौतिया मोबाइल शॉप, कुनकुरी द्वारा दिनांक 12.08.2026 को थाना कुनकुरी में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। प्रार्थी ने पुलिस को बताया कि दिनांक 11.08.2026 की रात्रि करीब 09:00 बजे वह अपनी मोबाइल दुकान बंद कर घर चला गया था।अगले दिन सुबह सूर्योदय बैंक के एक कर्मचारी ने फोन कर दुकान का शटर खुला होने की जानकारी दी। सूचना मिलने पर प्रार्थी तत्काल दुकान पहुंचा। दुकान के शटर में लगे दोनों ताले कटे हुए थे तथा अंदर मोबाइल के डिब्बे अस्त-व्यस्त पड़े थे। बिक्री के लिए रखे गए विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन दुकान से गायब थे। जांच करने पर करीब 150 नग मोबाइल हैंडसेट चोरी होना पाया गया।प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना कुनकुरी में अपराध क्रमांक 148/2026, धारा 331(4), 305(ए), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।➡️सीसीटीवी एवं तकनीकी साक्ष्यों से मिली अहम सुरागमामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया। प्रार्थी एवं गवाहों के कथन दर्ज किए गए तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए।विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि चोरी की घटना को दो व्यक्तियों द्वारा मिलकर अंजाम दिया गया था। घटना स्थल के समीप स्थित एक होटल में दो संदिग्ध व्यक्तियों द्वारा खाना खाने तथा होटल संचालक को मोबाइल नंबर दिए जाने की जानकारी भी पुलिस के सामने आई।पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज, होटल से प्राप्त जानकारी एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों का आपस में मिलान कर संदिग्धों की पहचान एवं पतासाजी शुरू की गई। तकनीकी जांच के आधार पर एक आरोपी की पहचान तौसीफ रजा पिता मौलाना ताजउद्दीन, उम्र 35 वर्ष, निवासी मुर्गीटोली, मध्य नारायणपुर, थाना राजमहल, जिला साहेबगंज, झारखण्ड के रूप में हुई।➡️विशेष टीम ने झारखण्ड पहुंचकर आरोपी को लिया हिरासत मेंआरोपी की धर पकड़ हेतु डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में विशेष पुलिस टीम झारखण्ड रवाना की गई।पुलिस टीम द्वारा झारखण्ड पहुंचकर आरोपी की लगातार पतासाजी की गई और उसे हिरासत में लेकर थाना कुनकुरी लाया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर मोबाइल दुकान में चोरी करना स्वीकार किया।*➡️ पुलिस की पूछताछ में आरोपी तौसीफ रजा के द्वारा अपराध स्वीकार करते हुए ने बताया गया कि वह अपने एक साथी के साथ काफी समय से मोबाइल दुकानों में चोरी करने की योजना बना रहा था। दोनों आरोपी झारखण्ड से निकलकर ओडिशा, आंध्रप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों पर मोबाइल दुकानों की रेकी कर रहे थे।इसी दौरान दोनों ने कुनकुरी स्थित कठौतिया मोबाइल शॉप को चोरी के लिए चिन्हित किया।घटना की रात दोनों आरोपी दुकान के पीछे की ओर से पहुंचे। अपने साथ लाए औजार से दुकान के शटर में लगे दोनों ताले काटकर दुकान के अंदर प्रवेश किया और बिक्री के लिए रखे मोबाइल फोन को पिट्ठू बैग में भरकर वहां से निकल गए।कुछ दूरी पर जाकर दोनों आरोपियों ने मोबाइल फोन के कवर एवं डिब्बों को अलग कर झाड़ियों में फेंक दिया और केवल मोबाइल हैंडसेट अपने साथ रखे। इसके बाद दोनों बस के माध्यम से वहां से फरार हो गए।आरोपी ने पुलिस को बताया कि चोरी किए गए मोबाइल फोन उसके दूसरे साथी के पास हैं। पुलिस ने दूसरे आरोपी को भी चिन्हित कर लिया है, जो वर्तमान में फरार है। पुलिस टीम द्वारा उसकी गिरफ्तारी एवं चोरी किए गए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए लगातार पतासाजी की जा रही है।पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी तौसीफ रजा के कब्जे से घटना में प्रयुक्त पिट्ठू बैग एवं आरोपी का मोबाइल हैंडसेट जप्त किया है।विवेचना के दौरान आरोपी की संलिप्तता पाए जाने पर प्रकरण में धारा 3(5) बीएनएस जोड़ी गई है। पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।*➡️दूसरे आरोपी एवं चोरी के मोबाइल की तलाश जारी*मामले में पुलिस द्वारा दूसरे फरार आरोपी की गिरफ्तारी तथा चोरी किए गए करीब 150 मोबाइल हैंडसेट की बरामदगी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर पतासाजी की जा रही है। प्रकरण की विवेचना एवं आगे की कार्रवाई जारी है।

*➡️ मामले की कार्यवाही एवं आरोपी की गिरफ्तारी में निरीक्षक राकेश यादव, निरीक्षक गौरव पांडे, उप निरीक्षक...
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जशपुर में बच्चों के हक पर डाका: तमता बालक छात्रावास में राशन-सामान का गबन, नौकरी के नाम पर लाखों की उगाही; जांच के नाम पर खुली लीपापोती​पत्थलगांव / तमता:मुख्यमंत्री के गृह जिले जशपुर में शिक्षा व्यवस्था और कल्याणकारी योजनाओं को भ्रष्टाचार का दीमक किस कदर चाट रहा है, इसका जीता-जागता उदाहरण पत्थलगांव विकासखंड का तमता शासकीय बालक छात्रावास है। वर्षों से जमे अधीक्षक बुधनाथ भगत पर मासूम छात्रों की मूलभूत सुविधाओं को डकारने और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों के नाम पर लाखों की अवैध उगाही के गंभीर आरोप लगे हैं। संगीन खुलासों के एक सप्ताह बाद भी प्रशासनिक कार्रवाई शून्य है, जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं।​कागजों पर लाखों का खर्च, जमीन पर बच्चे बेहालशासन की ओर से छात्रों के लिए हर वर्ष मच्छरदानी, कंबल, तकिया, तेल, साबुन और रसोई के बर्तनों के लिए भारी-भरकम बजट जारी होता है। अधीक्षक की मिलीभगत से यह सारा सामान सिर्फ फाइलों और फर्जी बिलों में सिमट कर रह गया। जमीनी हकीकत यह है कि छात्रावास में रहने वाले गरीब और आदिवासी बच्चे बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।​नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा और अवैध वसूलीअधीक्षक पर पद के दुरुपयोग और फर्जी नियुक्तियों के गंभीर प्रमाण सामने आ रहे हैं:​कोड़केल खजरी अवैध वसूली: मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नौकरी लगवाने का झांसा देकर कई बेरोजगारों से लाखों रुपये की ठगी की गई।​अवैध पदस्थापना: बालक एवं कन्या छात्रावास में कार्यरत दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों—स्टीफन खलखो और हेमू अजगले—से मोटी रकम लेकर बिना किसी वैध सरकारी आदेश या पंचायत प्रस्ताव के अवैध रूप से काम पर रख लिया गया।​जांच के नाम पर बंद कमरों का खेलमामला उछलने के बाद मंडल संयोजक जांच करने पहुंचे, लेकिन पूरी प्रक्रिया केवल खानापूरी साबित हुई। जांच अधिकारी ने न तो शिकायतकर्ताओं के बयान लिए और न ही पीड़ित बच्चों से सच जानने की जहमत उठाई। बंद कमरे में बैठकर जांच समेट ली गई, जिससे स्पष्ट है कि सिस्टम अपने ही भ्रष्ट कारिंदे को बचाने में जुटा है।​किसका वरदहस्त, किसका संरक्षण?खुलेआम चल रही इस लीपापोती ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। सवाल उठ रहा है कि क्या अधीक्षक को किसी प्रभावशाली राजनीतिक आका का संरक्षण प्राप्त है या फिर जांच दबाने के लिए अधिकारियों की जेबें गरम की गई हैं?​ग्रामीणों और अभिभावकों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि आरोपी अधीक्षक को तत्काल निलंबित कर किसी स्वतंत्र टीम से उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई गई, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे। मासूमों के हक का निवाला छीनने वाले इस भ्रष्ट तंत्र पर उच्च अधिकारियों की चुप्पी अब सीधे-सीधे मिलीभगत की ओर इशारा कर रही है। 1866266654193407808664195

जशपुर में बच्चों के हक पर डाका: तमता बालक छात्रावास में राशन-सामान का गबन, नौकरी के नाम पर लाखों की उगाही; जांच के नाम पर खुली लीपापोती​पत्थलगांव / तमता:मुख्यमंत्री के गृह जिले जशपुर में शिक्षा व्यवस्था और कल्याणकारी योजनाओं को भ्रष्टाचार का दीमक किस कदर चाट रहा है, इसका जीता-जागता उदाहरण पत्थलगांव विकासखंड का तमता शासकीय बालक छात्रावास है। वर्षों से जमे अधीक्षक बुधनाथ भगत पर मासूम छात्रों की मूलभूत सुविधाओं को डकारने और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों के नाम पर लाखों की अवैध उगाही के गंभीर आरोप लगे हैं। संगीन खुलासों के एक सप्ताह बाद भी प्रशासनिक कार्रवाई शून्य है, जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं।​कागजों पर लाखों का खर्च, जमीन पर बच्चे बेहालशासन की ओर से छात्रों के लिए हर वर्ष मच्छरदानी, कंबल, तकिया, तेल, साबुन और रसोई के बर्तनों के लिए भारी-भरकम बजट जारी होता है। अधीक्षक की मिलीभगत से यह सारा सामान सिर्फ फाइलों और फर्जी बिलों में सिमट कर रह गया। जमीनी हकीकत यह है कि छात्रावास में रहने वाले गरीब और आदिवासी बच्चे बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।​नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा और अवैध वसूलीअधीक्षक पर पद के दुरुपयोग और फर्जी नियुक्तियों के गंभीर प्रमाण सामने आ रहे हैं:​कोड़केल खजरी अवैध वसूली: मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नौकरी लगवाने का झांसा देकर कई बेरोजगारों से लाखों रुपये की ठगी की गई।​अवैध पदस्थापना: बालक एवं कन्या छात्रावास में कार्यरत दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों—स्टीफन खलखो और हेमू अजगले—से मोटी रकम लेकर बिना किसी वैध सरकारी आदेश या पंचायत प्रस्ताव के अवैध रूप से काम पर रख लिया गया।​जांच के नाम पर बंद कमरों का खेलमामला उछलने के बाद मंडल संयोजक जांच करने पहुंचे, लेकिन पूरी प्रक्रिया केवल खानापूरी साबित हुई। जांच अधिकारी ने न तो शिकायतकर्ताओं के बयान लिए और न ही पीड़ित बच्चों से सच जानने की जहमत उठाई। बंद कमरे में बैठकर जांच समेट ली गई, जिससे स्पष्ट है कि सिस्टम अपने ही भ्रष्ट कारिंदे को बचाने में जुटा है।​किसका वरदहस्त, किसका संरक्षण?खुलेआम चल रही इस लीपापोती ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। सवाल उठ रहा है कि क्या अधीक्षक को किसी प्रभावशाली राजनीतिक आका का संरक्षण प्राप्त है या फिर जांच दबाने के लिए अधिकारियों की जेबें गरम की गई हैं?​ग्रामीणों और अभिभावकों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि आरोपी अधीक्षक को तत्काल निलंबित कर किसी स्वतंत्र टीम से उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई गई, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे। मासूमों के हक का निवाला छीनने वाले इस भ्रष्ट तंत्र पर उच्च अधिकारियों की चुप्पी अब सीधे-सीधे मिलीभगत की ओर इशारा कर रही है।

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