July 13, 2026

रायगढ़

लैलूंगा में 15वें वित्त आयोग की राशि के फर्जी आहरण व बंदरबाट का आरोप, जांच की मांग तेजलैलूंगा,जनपद पंचायत लैलूंगा की ग्राम पंचायतों में 15वें वित्त आयोग की राशि के कथित फर्जी आहरण एवं बंदरबाट को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल गर्म है। आरोप है कि विकास कार्यों के नाम पर स्वीकृत राशि का नियमों के विपरीत उपयोग किया गया तथा कई मामलों में बिना कार्य पूर्ण हुए भुगतान किए जाने की शिकायत सामने आई है।स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि वित्त आयोग की राशि में अनियमितता हुई है तो इससे ग्रामीण विकास कार्य प्रभावित हुए हैं तथा शासन की योजनाओं का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है।सूत्रों के अनुसार संबंधित दस्तावेजों एवं भुगतान विवरणों की जांच किए जाने पर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। वहीं शिकायतकर्ताओं ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।इधर प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिए जाने की चर्चा है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।क्षेत्रवासियों का कहना है कि सार्वजनिक धन के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा दोषियों को जवाबदेह बनाने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि शासन की विकास योजनाओं पर जनता का विश्वास बना रहे। 75062645147245256786895

लैलूंगा में 15वें वित्त आयोग की राशि के फर्जी आहरण व बंदरबाट का आरोप, जांच की मांग तेजलैलूंगा,जनपद पंचायत लैलूंगा की ग्राम पंचायतों में 15वें वित्त आयोग की राशि के कथित फर्जी आहरण एवं बंदरबाट को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल गर्म है। आरोप है कि विकास कार्यों के नाम पर स्वीकृत राशि का नियमों के विपरीत उपयोग किया गया तथा कई मामलों में बिना कार्य पूर्ण हुए भुगतान किए जाने की शिकायत सामने आई है।स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि वित्त आयोग की राशि में अनियमितता हुई है तो इससे ग्रामीण विकास कार्य प्रभावित हुए हैं तथा शासन की योजनाओं का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है।सूत्रों के अनुसार संबंधित दस्तावेजों एवं भुगतान विवरणों की जांच किए जाने पर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। वहीं शिकायतकर्ताओं ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।इधर प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिए जाने की चर्चा है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।क्षेत्रवासियों का कहना है कि सार्वजनिक धन के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा दोषियों को जवाबदेह बनाने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि शासन की विकास योजनाओं पर जनता का विश्वास बना रहे।

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प्रेस विज्ञप्ति🔹 ‘ मरणासन्न कथन’ (Dying Declaration) विषय पर रेंज स्तरीय एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का सफल आयोजन🔹 श्री राम गोपाल गर्ग (पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज) ने आयोजित की रेंज के पुलिस अधिकारियों की कार्यशाला🔹 श्री रजनीकांत ठाकुर शासकीय अधिवक्ता मुंगेली द्वारा मरणासन्न कथन’ पर दी गई विस्तृत जानकारी। दिनांक 27.05.2026 को श्री राम गोपाल गर्ग (IPS) पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज के मार्गदर्शन में गंभीर अपराधों की विवेचना को त्रुटिहीन बनाने और न्यायालयों में सजा का प्रतिशत (Conviction Rate) बढ़ाने के उद्देश्य से आज एक महत्वपूर्ण *मरणासन्न कथन (Dying Declaration)* विषय पर रेंज स्तरीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया. ” *मरणासन्न कथन, कानूनी प्रक्रिया, सावधानियां और विवेचकों के लिए दिशा-निर्देश”* पर आयोजित इस एक दिवसीय कार्यशाला में श्री भोजराम पटेल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली द्वारा कार्यक्रम का संचालन करते हुये श्री रजनीकांत ठाकुर शासकीय अधिवक्ता का स्मृति चिन्ह (मोमेंटो) देकर सम्मानित किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए पुलिस महानिरीक्षक श्री गर्ग ने कहा कि अपराध विवेचना के दौरान आहत/पीड़ित का मृत्यु पूर्व कथन (Dying Declaration) और डीएनए/भौतिक साक्ष्यों का सही संकलन अपराधियों को सजा दिलाने में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होता है. अक्सर प्रक्रियाओं में होने वाली छोटी सी त्रुटि का लाभ आरोपियों को मिल जाता है, इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य इन कमियों को दूर करना है। 709964228660467366886617

प्रेस विज्ञप्ति🔹 ‘ मरणासन्न कथन’ (Dying Declaration) विषय पर रेंज स्तरीय एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का सफल आयोजन🔹 श्री राम गोपाल गर्ग (पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज) ने आयोजित की रेंज के पुलिस अधिकारियों की कार्यशाला🔹 श्री रजनीकांत ठाकुर शासकीय अधिवक्ता मुंगेली द्वारा मरणासन्न कथन’ पर दी गई विस्तृत जानकारी। दिनांक 27.05.2026 को श्री राम गोपाल गर्ग (IPS) पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज के मार्गदर्शन में गंभीर अपराधों की विवेचना को त्रुटिहीन बनाने और न्यायालयों में सजा का प्रतिशत (Conviction Rate) बढ़ाने के उद्देश्य से आज एक महत्वपूर्ण *मरणासन्न कथन (Dying Declaration)* विषय पर रेंज स्तरीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया. ” *मरणासन्न कथन, कानूनी प्रक्रिया, सावधानियां और विवेचकों के लिए दिशा-निर्देश”* पर आयोजित इस एक दिवसीय कार्यशाला में श्री भोजराम पटेल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली द्वारा कार्यक्रम का संचालन करते हुये श्री रजनीकांत ठाकुर शासकीय अधिवक्ता का स्मृति चिन्ह (मोमेंटो) देकर सम्मानित किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए पुलिस महानिरीक्षक श्री गर्ग ने कहा कि अपराध विवेचना के दौरान आहत/पीड़ित का मृत्यु पूर्व कथन (Dying Declaration) और डीएनए/भौतिक साक्ष्यों का सही संकलन अपराधियों को सजा दिलाने में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होता है. अक्सर प्रक्रियाओं में होने वाली छोटी सी त्रुटि का लाभ आरोपियों को मिल जाता है, इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य इन कमियों को दूर करना है।

कार्यशाला के मुख्य बिंदु एवं आवश्यक दिशा-निर्देश: –कार्यशाला के दौरान श्री रजनीकांत ठाकुर शासकीय अधिवक्ता मुंगेली के...
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