September 11, 2026

रायगढ़

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मुकडेगा के आधार केंद्र में अवैध वसूली का खेल! ग्रामीणों का आरोप—’इन-हाउस मॉडल’ की अनदेखी, निजी दुकान में चल रहा आधार केंद्रलैलूंगा | 18 जुलाई 2026रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड के ग्राम मुकडेगा में संचालित आधार पंजीयन एवं अपडेट केंद्र को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि नए आधार पंजीयन के लिए ₹200 से ₹300 तक की वसूली की जा रही है। इसके अलावा आधार सुधार, मोबाइल नंबर अपडेट और अन्य सेवाओं के लिए भी निर्धारित शुल्क से अधिक राशि ली जा रही है।ग्रामीणों का कहना है कि ‘इन-हाउस मॉडल’ के तहत आधार नामांकन एवं अपडेट केंद्रों का संचालन सरकारी भवनों में किया जाना है, लेकिन इसके बावजूद मुकडेगा में आधार केंद्र एक निजी दुकान से संचालित किया जा रहा है, जिससे नियमों के पालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि आधार सेवाओं के नाम पर खुलेआम मनमानी की जा रही है और आम लोगों का आर्थिक शोषण हो रहा है। उनका यह भी आरोप है कि जिले के कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत के कारण यह पूरा खेल लंबे समय से जारी है और शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर निजी दुकान में संचालित आधार केंद्र की वैधता की जांच, निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली की जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।(नोट: इस समाचार में उल्लिखित ₹200–₹300 की वसूली, निजी दुकान में संचालन तथा अधिकारियों की मिलीभगत संबंधी बातें स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही होगी।) 1351627662081909728964009

मुकडेगा के आधार केंद्र में अवैध वसूली का खेल! ग्रामीणों का आरोप—’इन-हाउस मॉडल’ की अनदेखी, निजी दुकान में चल रहा आधार केंद्रलैलूंगा | 18 जुलाई 2026रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड के ग्राम मुकडेगा में संचालित आधार पंजीयन एवं अपडेट केंद्र को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि नए आधार पंजीयन के लिए ₹200 से ₹300 तक की वसूली की जा रही है। इसके अलावा आधार सुधार, मोबाइल नंबर अपडेट और अन्य सेवाओं के लिए भी निर्धारित शुल्क से अधिक राशि ली जा रही है।ग्रामीणों का कहना है कि ‘इन-हाउस मॉडल’ के तहत आधार नामांकन एवं अपडेट केंद्रों का संचालन सरकारी भवनों में किया जाना है, लेकिन इसके बावजूद मुकडेगा में आधार केंद्र एक निजी दुकान से संचालित किया जा रहा है, जिससे नियमों के पालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि आधार सेवाओं के नाम पर खुलेआम मनमानी की जा रही है और आम लोगों का आर्थिक शोषण हो रहा है। उनका यह भी आरोप है कि जिले के कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत के कारण यह पूरा खेल लंबे समय से जारी है और शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर निजी दुकान में संचालित आधार केंद्र की वैधता की जांच, निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली की जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।(नोट: इस समाचार में उल्लिखित ₹200–₹300 की वसूली, निजी दुकान में संचालन तथा अधिकारियों की मिलीभगत संबंधी बातें स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही होगी।)

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